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संजय सिंह की पदयात्रा का वाराणसी में भव्य प्रवेश, मणिकर्णिका घाट के मुद्दे पर FIR को लेकर बीजेपी पर बरसे आप सांसद

वाराणसी/लखनऊ | 18 जनवरी 2026 उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) की “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा रविवार को तीसरे दिन वाराणसी की सीमा में प्रवेश कर गई। राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में चल रही है। मिर्जापुर से शुरू होकर यह यात्रा जखनी (वाराणसी) स्थित श्री कृष्ण बैंक्वेट हॉल पहुंची, जहां युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया।

घाट तोड़ने वालों पर नहीं, सच बोलने वाले पर FIR

वाराणसी पहुंचते ही संजय सिंह ने उन पर दर्ज हुई FIR को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि काशी के पौराणिक मणिकर्णिका घाट को तोड़े जाने का विरोध करने पर उन पर कार्रवाई की गई है।

सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया, “18वीं शताब्दी में अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित और हिंदू आस्था के केंद्र मणिकर्णिका घाट को भाजपा सरकार तहस-नहस कर रही है। पौराणिक मंदिरों और शिवालयों को तोड़ा गया, अहिल्याबाई की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हुई। तानाशाही देखिए कि कार्रवाई तोड़ने वालों पर नहीं, बल्कि विरोध करने वाले मुझ पर की जा रही है।” उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आस्था पर सीधा प्रहार बताया।

युवाओं को रोजगार या 10 हजार बेरोजगारी भत्ता

संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने मांग की कि सरकार रिक्त पदों पर तत्काल भर्तियां करे, अन्यथा हर बेरोजगार युवा को 10,000 रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ता दे।

  • पेपर लीक पर प्रहार: उन्होंने कहा कि यूपी में पेपर लीक और भ्रष्टाचार युवाओं के भविष्य की सबसे बड़ी बाधा बन गए हैं।

  • संविधान की शिक्षा: आप सांसद ने मांग उठाई कि सरकारी और निजी स्कूलों में ‘संविधान की शिक्षा’ अनिवार्य की जाए ताकि सामाजिक भेदभाव खत्म हो सके।

जनआंदोलन बनती पदयात्रा

मिर्जापुर के गीता वाटिका और पाहो बाजार से होते हुए जब यह यात्रा वाराणसी पहुंची, तो वकीलों, महिलाओं और बुजुर्गों का हुजूम उमड़ पड़ा। “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” के नारों के साथ युवा इस यात्रा में शामिल हुए। संजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा दलितों, पिछड़ों और वंचितों को उनका हक दिलाने और जातीय भेदभाव मिटाने के लिए निकाली गई है।

प्रमुख मांगें और मुद्दे:

  • उत्तर प्रदेश के विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को तुरंत भरा जाए।

  • भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और पारदर्शी व्यवस्था।

  • दलितों और पिछड़ों के साथ हो रहे सामाजिक भेदभाव पर लगाम।

  • रामराज्य की परिकल्पना तभी साकार होगी जब हर हाथ को काम मिलेगा।

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