काशी को बड़ी सौगात : 25,445 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 89 किमी लंबा गंगा-वरुणा एलिवेटेड कारिडोर, जाम से मिलेगी मुक्ति

वाराणसी : काशी के विकास की यात्रा में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। केंद्र सरकार ने वाराणसी में 25,445 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 89 किलोमीटर लंबे ‘गंगा एवं वरुणा एलिवेटेड कारिडोर’ के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद वाराणसी की यातायात व्यवस्था न केवल आधुनिक होगी, बल्कि शहर को दशकों तक ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
काशी के लिए क्यों है यह प्रोजेक्ट ‘लाइफलाइन’?
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि यह परियोजना काशी के बुनियादी ढांचे के इतिहास की सबसे बड़ी पहल है। उन्होंने कहा काशी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना है। यह कारिडोर न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए द्वार खोलेगा।”

परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
इस परियोजना को दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है:
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वरुणा लिंक कनेक्टर कारिडोर : यह 21.153 किलोमीटर लंबा फोर-लेन मार्ग होगा, जो नेशनल हाईवे-31 को सीधे रिंग रोड से जोड़ेगा।
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गंगा एलिवेटेड कारिडोर : यह सिक्स-लेन का आधुनिक मार्ग होगा, जो एनएच-19 को रिंग रोड से जोड़ते हुए शहर के लिए नई लाइफलाइन बनेगा।
शहर को होगा ये बड़ा फायदा :
चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, लखनऊ और बिहार की ओर से आने वाले भारी वाहन शहर के मुख्य चौराहों में प्रवेश किए बिना ही सीधे अपने गंतव्य को निकल सकेंगे। इससे शहर की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव 60 से 70 फीसदी तक कम हो जाएगा।

पर्यटकों को सुविधा: काशी में हर साल आने वाले करीब 15 करोड़ श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अब बाहर से आने वाले यात्री बिना गोदौलिया या लंका जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में फंसे, सीधे नमो घाट, सामने घाट और बाबा विश्वनाथ धाम के नजदीकी बिंदुओं तक पहुंच सकेंगे
समय की बचत: कारिडोर के बनने से यात्रा का समय जो पहले 60 मिनट तक लग जाता था, वह घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगा।




