वसई-विरार शहर महानगर पालिका की अनुमति लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के प्रचार के लिए शहरभर में फलक लगाए हैं। लेकिन अब कई स्थानों पर नियमों को दरकिनार कर दिशादर्शक बोर्ड, बिजली के खंभों, छोटे-बड़े पेड़ों और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप से फलक लगाए जाने का मामला सामने आ रहा है।
करीब पांच वर्षों बाद वसई-विरार शहर महानगर पालिका चुनाव हो रहा है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार जोरों-शोरों से प्रचार में जुटे हैं। घर-घर जाकर संपर्क, सोशल मीडिया प्रचार के साथ-साथ अब महानगर पालिका से अनुमति लेकर चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों और प्रमुख स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग बोर्ड लगाए जा रहे हैं। हालांकि, अधिकृत बोर्ट के साथ-साथ बड़ी संख्या में नियमबाह्य बोर्ड भी लगाए गए हैं। मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करने और उम्मीदवारों की पहचान लोगों के मन में बैठाने के उद्देश्य से इन बोर्ड को ऐसे स्थानों पर लगाया गया है, जिससे यातायात और नागरिक सुविधा प्रभावित हो रही है।
कई जगह दिशा निर्देश बोर्डों के ठीक सामने यह बोर्ड लगाए गए हैं। वहीं, व्यस्त इलाकों और वाहन पार्किंग स्थलों पर एक ही जगह चार-चार दलों के बोर्ड दिखाई दे रहे हैं। इससे वाहन चालकों को रास्ता पहचानने में परेशानी हो रही है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। दूसरी ओर, अचानक बढ़ी बोर्ड-बैनरों की भीड़ से शहर का सौंदर्य बिगड़ रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से नियम अनुसार नहीं गलाए गए बोर्ड को हटाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि महानगर पालिका प्रशासन इस ओर कब और क्या कदम उठाता जाता है।
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