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फर्जी आईपीएस बनकर करोड़ों की ठगी: वर्दी, आईडी और लालबत्ती कार दिखाकर देते थे झांसा, तीन गिरफ्तार

​बैंक लोन, निवेश पर भारी मुनाफे और पुलिस में भर्ती का झांसा देकर लोगों को बनाते थे शिकार

मुंबई। खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताकर सरकारी रुतबा दिखाने और फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक हाई-प्रोफाइल गिरोह का मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

लग्जरी कार और वर्दी: ऐसे काम करता था यह गिरोह

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का जाल बेहद सोची-समझी साजिश के तहत फैलाया गया था। आरोपियों ने लोगों को ठगने के लिए पूरा तामझाम तैयार कर रखा था:

  • फर्जी पहचान और रुतबा: गिरोह का मुख्य आरोपी मोहम्मद गौस इब्राहिम खतिब उर्फ डॉ. राज खतिब (52) खुद को सीनियर आईपीएस (IPS) अधिकारी बताता था।

  • हाई-टेक ठगी के उपकरण: आरोपियों के पास से पुलिस की वर्दी, फर्जी सरकारी पहचान पत्र और ‘पुलिस’ लिखी हुई लालबत्ती वाली कार बरामद हुई है, जिसका इस्तेमाल वे लोगों पर रौब झाड़ने के लिए करते थे।

  • झांसे के जाल: लोगों का विश्वास जीतने के बाद यह गिरोह उन्हें बैंक ऋण मंजूर कराने, निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देने और विभिन्न सरकारी व निजी परियोजनाओं में प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ लेता था।

ठगी के दो बड़े मामले आए सामने

पुलिस की मुस्तैदी से इस गिरोह के दो बड़े कारनामे उजागर हुए हैं:

1. प्लॉट और लोन के नाम पर 15.90 लाख की चपत

मुंबई पुलिस के डीसीपी (DCP) राज तिलक रोशन ने बताया कि गिरोह ने एक शिकायतकर्ता को अपने जाल में फंसाकर 15.90 लाख रुपये की ठगी की थी। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा ने केस दर्ज किया और आरोपी राजेश बड़े सिंह चौधरी (46) को राजस्थान से धर दबोचा।

2. पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर 12 लाख का चूना

इस गिरोह की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, एक और पीड़ित मुंबई क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचा। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपियों ने खुद को पुलिस विभाग का बड़ा अफसर बताकर उसके तीन परिचित युवकों को पुलिस में भर्ती कराने का झांसा दिया था। इसके बदले आरोपियों ने उनसे 12 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने इस मामले में भी अलग से एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।

पुलिस की अपील: मुंबई क्राइम ब्रांच ने आशंका जताई है कि इस गिरोह ने कई अन्य लोगों को भी अपनी ठगी का शिकार बनाया होगा। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर कोई और भी इस गिरोह का शिकार हुआ है, तो वे तुरंत सामने आएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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