IIVR वाराणसी में संकर बीज उत्पादन पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण खत्म, 6 राज्यों के वैज्ञानिकों ने लिया हिस्सा
देशभर के 22 तकनीकी अधिकारियों ने किया प्रतिभाग

वाराणसी। शहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) में सब्जियों में संकर बीज उत्पादन के सिद्धांत एवं तकनीके विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। 19 से 23 जनवरी तक चले इस कार्यक्रम में देश के कई राज्यों के कृषि विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों के गुर सीखे।
जलवायु परिवर्तन के दौर में संकर बीजों का महत्व
समापन समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. नागेन्द्र राय ने बदलते जलवायु परिवेश में सब्जियों के संकर बीज (Hybrid Seed) उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और घटते संसाधनों के बीच उन्नत बीज ही किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। डॉ. राय ने संस्थान द्वारा हाइब्रिड बीजों के क्षेत्र में किए जा रहे नवीनतम अनुसंधानों की जानकारी भी साझा की।
देशभर के 22 तकनीकी अधिकारियों ने किया प्रतिभाग
इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण में देश के 06 राज्यों (तेलंगाना, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक) और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के 22 तकनीकी अधिकारियों व वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। ये प्रतिभागी विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, ICAR संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) से आए थे।
प्रशिक्षण पुस्तिका का विमोचन और अनुभव साझा
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा प्रशिक्षण से संबंधित एक विशेष प्रशिक्षण पुस्तिका का विमोचन भी किया गया, जो वैज्ञानिकों के लिए भविष्य में मार्गदर्शिका का कार्य करेगी। समापन सत्र में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि संकर बीज उत्पादन की इन बारीकियों से वे अपने क्षेत्रों में किसानों को अधिक लाभान्वित कर सकेंगे।
इन्होंने निभाया मुख्य दायित्व
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अर्चना सन्याल ने किया, जबकि अंत में डॉ. आशुतोष राय ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में संस्थान के तीनों विभागाध्यक्ष, परियोजना समन्वयक सहित समस्त वैज्ञानिक और कर्मचारी उपस्थित रहे।




