चंदौली के किसानों के लिए जरूरी खबर : सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू, जानें नया रेट और बेचने का तरीका

चंदौली। जिले में इस साल गेहूं की खरीद 30 मार्च से ही शुरू कर दी गई है। किसान अपनी फसल 15 जून, 2026 तक सरकारी केंद्रों पर बेच सकते हैं। इस बार गेहूं के दाम में बढ़ोतरी की है, जिससे किसानों को सीधा फायदा होगा।
इस साल है नया रेट
सरकार ने इस साल गेहूं का सरकारी भाव (समर्थन मूल्य) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। पिछले साल के मुकाबले इस बार किसानों को प्रति क्विंटल 160 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
कहां-कहां बने हैं खरीद केंद्र?
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जिले में कुल 69 केंद्र बनाए हैं ताकि किसानों को दूर न जाना पड़े।
-
खाद्य विभाग के 24 केंद्र और पीसीएफ के 21 केंद्र खोले गए हैं।
-
इसके अलावा पीसीयू, यूपीएसएस, भारतीय खाद्य निगम और मंडी समिति के केंद्रों पर भी गेहूं लिया जा रहा है।
-
अगर किसी इलाके में किसानों को ज्यादा केंद्रों की जरूरत होगी, तो प्रशासन वहां नए केंद्र भी खोलेगा।
बेचने से पहले इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
-
फार्मर रजिस्ट्री जरूरी: अब गेहूं बेचने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ कराना अनिवार्य है। इसके बिना गेहूं नहीं खरीदा जाएगा। इसका एक फायदा यह भी है कि आपकी ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की किस्त बिना किसी रुकावट के मिलती रहेगी।
-
ऑनलाइन पंजीकरण: गेहूं बेचने से पहले किसी भी जनसुविधा केंद्र या मोबाइल ऐप से खाद्य विभाग की वेबसाइट (fcs.up.gov.in) पर अपना नाम दर्ज (रजिस्ट्रेशन) जरूर करा लें।
अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं
अक्सर किसानों को कागजों की जांच (सत्यापन) के लिए लेखपाल या तहसील के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
-
अगर आपने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर दिया है, तो वह अपने आप पोर्टल पर ओके (सत्यापित) हो जाएगा।
-
अगर ऑनलाइन नहीं हो पाता है, तो परेशान न हों। आप अपनी खतौनी, खसरा और आधार कार्ड लेकर सीधे खरीद केंद्र पर चले जाएं। वहां के प्रभारी आपके कागज देखकर गेहूं खरीद लेंगे। आपको किसी सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है।
केंद्रों पर पूरी है तैयारी
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने खुद केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाएं देखी हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं भरने के लिए बोरों की कोई कमी नहीं है और किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।




