वाराणसी: 527 करोड़ से चमकेगी काशी की सीवर व्यवस्था, 13 वार्डों के लिए मिली हरी झंडी
13 वार्डों में 200 किलोमीटर लंबी नई सीवर लाइन बिछाने के प्रस्ताव को मंजूरी
वाराणसी। (14 जनवरी 2026) काशी के पुराने मोहल्लों में दशकों से चली आ रही सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। महापौर अशोक कुमार तिवारी के विशेष प्रयासों के बाद शासन ने 527 करोड़ रुपये की लागत से 13 पुराने वार्डों में 200 किलोमीटर लंबी नई सीवर लाइन बिछाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना से शहर के लगभग 100 मोहल्लों की 4 लाख से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
ब्रिटिश काल की जर्जर पाइपलाइनों से मिलेगी मुक्ति
वाराणसी का सीवरेज सिस्टम आज भी करीब 200 साल पुराने ‘शाही नाले’ और अंग्रेजों के जमाने की ईंट वाली पाइपलाइनों पर निर्भर है। जर्जर होने के कारण ये लाइनें अक्सर चोक हो जाती हैं, जिससे गंगा घाटों के किनारे और पुराने मोहल्लों में गंदगी का अंबार लग जाता है। नगर निगम ने प्रथम चरण में 18 पुराने वार्डों को चिन्हित किया था, जिनमें से 13 को हरी झंडी मिल गई है और शेष 5 वार्डों को इसी सप्ताह कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
‘ट्रांस लेस’ विधि: बिना गली खोदे बिछेगी पाइपलाइन
नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल ने बताया कि वाराणसी की तंग गलियों को ध्यान में रखते हुए इस कार्य के लिए ‘ट्रांस लेस’ (Trenchless) तकनीक का चुनाव किया गया है।
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इस विधि में पूरी गली खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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केवल गलियों के मोड़ों पर गड्ढा करके पूरी लाइन बिछा दी जाएगी।
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इससे व्यापार और आवागमन में न्यूनतम बाधा आएगी।
इन वार्डों की बदलेगी सूरत
जिन वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
हुकूलगंज, नई बस्ती, प्रहलाद घाट, कृतिवाशेश्वर, शिवपुरवा, तुलसीपुर, बिरदोपुर, काजीपुरा, शिवाला, नगवां, बागाहाड़ा, जंगमबाड़ी और बंगाली टोला।
जल और सीवर दोनों का होगा कायाकल्प
महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर जल निगम ने इसका विस्तृत सर्वे (DPR) तैयार किया था। इस योजना के तहत न केवल सीवर लाइन बदली जाएगी, बल्कि आवश्यकतानुसार पेयजल (वॉटर सप्लाई) की पाइपलाइन को भी आधुनिक बनाया जाएगा। महापौर स्वयं इस प्रोजेक्ट की प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।



