लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और छोटे उद्योगों (MSME) को नई उड़ान देने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। सोमवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सभागार में विभाग की बड़ी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि सरकारी योजनाओं का बजट समय पर खर्च हो और इसका लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचे।
यूपी दिवस पर कारीगरों को मिलेगा तोहफा
बैठक में मंत्री ने निर्देश दिया कि आगामी 24 जनवरी (उत्तर प्रदेश दिवस) के मौके पर ‘विश्वकर्मा योजना’ के तहत ट्रेनिंग पूरी कर चुके सभी लोगों को टूलकिट बांटी जाए। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि स्थानीय सांसद और विधायक इन कार्यक्रमों में शामिल होकर कारीगरों का उत्साह बढ़ा सकें।
गांव-गांव तक पहुंचेगी ‘युवा उद्यमी योजना’
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान को लेकर मंत्री ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
इस योजना को सिर्फ शहरों तक सीमित न रखकर तहसील और ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाए।
गांवों में कैंप लगाकर युवाओं को बिजनेस से जुड़ी जानकारी दी जाए।
इन कैंपों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक इसकी जानकारी पहुँचे।
खादी को मिलेगा नया लुक और बाजार
योगी सरकार खादी को ‘आत्मनिर्भर यूपी’ की पहचान बनाना चाहती है। मंत्री राकेश सचान ने कहा कि खादी के कंबलों और अन्य सामानों को अब आधुनिक डिजाइन और बाजार की पसंद के हिसाब से तैयार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पुरानी और बंद पड़ी खादी समितियों की जमीन को कब्जे से मुक्त कराने और उनका सही इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए।
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान
“हमारा लक्ष्य प्रदेश के बुनकरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। बजट का एक-एक पैसा सही समय पर खर्च होना चाहिए ताकि धरातल पर बदलाव दिखे।” — राकेश सचान, कैबिनेट मंत्री
अधिकारियों को सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि योजनाओं के रास्ते में आने वाली कागजी बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाए ताकि उत्तर प्रदेश में रोजगार के नए मौके पैदा हो सकें।