चंदौली: प्रभारी मंत्री संजीव गोंड ने ली विकास कार्यों की मैराथन बैठक, बोले- ‘मरीजों को बाहर की दवा लिखी तो होगी कार्रवाई’
स्वास्थ्य विभाग: ओपीडी और दवाओं पर सख्त निर्देश
चंदौली । उत्तर प्रदेश के प्रभारी राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैश बोर्ड की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मंत्री ने कड़े तेवर दिखाते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग: ओपीडी और दवाओं पर सख्त निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को निर्देशित किया कि:
- चिकित्सकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
- ओपीडी में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
- अस्पताल से बाहर की दवाएं लिखना तत्काल बंद हो।
- एम्बुलेंस सेवा की उपलब्धता जनपदवासियों को निर्बाध रूप से मिले।
जल जीवन मिशन: गुणवत्ता और समय सीमा पर जोर
भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह द्वारा कुछ गांवों में जलापूर्ति न होने की शिकायत पर मंत्री जी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि:

- प्रत्येक व्यक्ति को मानक के अनुरूप शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
- कार्यों को निर्धारित टाइम लाइन के भीतर पूर्ण किया जाए।
- पाइपलाइन बिछाने हेतु खोदे गए गड्ढों को तत्काल समतल किया जाए ताकि जनता को असुविधा न हो।
बुनियादी ढांचा और समाज कल्याण
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- पीडब्ल्यूडी: नई सड़कों का निर्माण पूरी गुणवत्ता और मानक के साथ हो।
- पेंशन योजनाएं: वृद्धा, दिव्यांग और निराश्रित पेंशन का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। मंत्री जी ने कहा कि “एक भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।”
- अन्य विभाग: पर्यटन, खाद एवं रसद, बेसिक शिक्षा, कृषि और ऊर्जा विभाग के कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई।
मंत्री का संदेश: > “सभी अधिकारी टीम भावना के साथ काम करें। गरीब कल्याण योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारें ताकि अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को लाभ मिल सके।”
प्रशासनिक उपस्थिति
बैठक में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने माननीय मंत्री जी को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। इस दौरान माननीय राज्यसभा सांसद श्रीमती साधना सिंह, पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे, सीडीओ आर जगत सांई, और सीएमओ डॉ. वाई के रॉय सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



