विरार में बनेगा नया एयरपोर्ट: मुख्यमंत्री नालासोपारा में सीएम फडणवीस की जनसभा, वसई–विरार को “सुपरफास्ट शहर” बनाने का दावा
आवाज Nation मुंबई
वसई–विरार शहर महानगर पालिका चुनाव के मद्देनज़र शुक्रवार दोपहर नालासोपारा पूर्व स्थित सेंटर पार्क में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भव्य जनसभा आयोजित की गई। इस सभा में भाजपा सांसद डॉ हेमंत सावरा, विधायक राजन नाइक, विधायक स्नेहा दुबे पंडित, पालघर जिलाध्यक्ष भरत राजपूत, पूर्व सांसद पूनम महाजन शिवसेना (शिंदे) नेता रवींद्र फाटक, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रज्ञा पाटील, पूर्व जिलाध्यक महेंद्र पाटील, शिवसेना(शिंदे ) तालुका प्रमुख सुदेश चौधरी, उम्मीदवार निलेश चौधरी, जेपी सिंह, योगेश सिंह, सहित महायुति उम्मीदवार, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान सीएम ने कहा कि वसई–विरार “चौथी मुंबई” बनेगी और विरार में एक नया एयरपोर्ट बनाने की योजना है, जो कोस्टल रोड से जुड़कर 20 मिनट में मुंबई पहुंचने की सुविधा देगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वसई–विरार “चौथी मुंबई” के रूप में उभरेगा और विकास की रफ्तार कभी नहीं रुकेगी।

सभा को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि सर्वे क्रमांक 176 सनसिटी क्षेत्र में पार्किंग, अस्पताल, नाट्यगृह, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सर्वधर्म दफनभूमि और फुटबॉल स्टेडियम के लिए आरक्षण होने के बावजूद कोई ठोस काम नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ दफनभूमि का आरक्षण दिखाकर बाकी विकास कार्यों की अनदेखी की गई। प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि यदि पिछले 35 वर्षों में हुआ यही विकास माना जाए तो ग्रामीण इलाकों के खेतों तक जाने वाले रास्ते इससे बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि जिस महानगरपालिका पर मुख्यमंत्री की विशेष नजर जाती है, वहां विकास दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में कहा कि महानगरपालिका चुनाव के माध्यम से उन्हें वसई विरार की जनता का “दर्शन” मिला है। पिछले विधानसभा चुनाव में वसई–विरार की जनता ने बड़ा परिवर्तन कर दिखाया और यह साबित कर दिया कि यहां किसी एक परिवार की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि महानगरपालिका का उपयोग केवल “एटीएम” की तरह किया गया और परिवारवाद को बढ़ावा दिया गया। सीएम ने कहा कि आज वसई–विरार की हालत अन्य महानगरपालिकाओं से भी बदतर है। शहर में गुंडागर्दी, अवैध निर्माण, धमकी का माहौल, टैंकर माफिया, रेती माफिया और रैकेट माफिया सक्रिय हैं। जहां कभी खेती होती थी, वहां अव्यवस्था फैल गई। 2014 के बाद पानी, गटर, अस्पताल जैसी बुनियादी योजनाएं शुरू हुईं, लेकिन शहर को योजनाबद्ध विकास से दूर रखा गया। उन्होंने 15 जनवरी को होने वाले मतदान में जनता से वसई–विरार को “सुपरफास्ट शहर” बनाने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री ने भविष्य की कई बड़ी योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि उत्तन–विरार सागरीय महामार्ग, एमएमआरडीए के सहयोग से मेट्रो, सड़क और ब्रिज–ओवर परियोजनाएं लाई जा रही हैं। मुंबई मेट्रो से 23 किलोमीटर में 22 स्थानों की कनेक्टिविटी दी जाएगी। उत्तन से विरार जलमार्ग की योजना लाई गई। जिससे शहर के लोग 20 मिनट में मुंबई पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि बंद दरवाजों वाली ट्रेनें चलेंगी, सेकंड क्लास का किराया नहीं बढ़ेगा और एक रुपए भी अतिरिक्त नहीं लिया जाएगा। जापान की मदद से ऐसा ब्रिज बनाया जा रहा है, जिससे विरार से मुंबई मात्र 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। करीब 7 हजार करोड़ रुपए की कॉरिडोर योजना के तहत बुलेट ट्रेन स्टेशन के पास बिजनेस हब विकसित किया जाएगा।
सीएम फडणवीस ने अवैध निर्माण के मुद्दे पर कहा कि पहले सत्तापक्ष और बिल्डरों की मिलीभगत से अवैध निर्माण हुआ, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तोड़ा गया। अब नई कोस्टल योजना लाई जा रही है, जिससे गरीबों के घर नहीं टूटेंगे। नालासोपारा पश्चिम से सनसिटी तक रिंग रोड, नालासोपारा में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, एसटीपी प्लांट और पानी के लिए डैम निर्माण की योजनाएं भी लाई जाएंगी, जिससे गरीबों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने वाधवन पोर्ट को दुनिया के 10 सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक बताते हुए कहा कि इससे करीब 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।


