वाराणसी: शतरंज की बिसात पर अक्षत रस्तोगी ने मारी बाजी, दिव्यांग चेस प्रतियोगिता में दिखा प्रतिभा का दम
25 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

वाराणसी। काशी की पावन धरती पर पहली बार दिव्यांग जनों की छिपी हुई खेल प्रतिभा को मंच देने के लिए एक विशेष शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। ‘दिव्यांग चेस क्लब काशी’ और ‘काशी चेस अकादमी’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस स्पर्धा में अक्षत रस्तोगी ने अपने असाधारण कौशल का प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया।

रोमांचक मुकाबलों के बीच तय हुए विजेता
लहरतारा स्थित संत नारायण पुनर्वास संस्थान में आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 25 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। दिमागी खेल के इस महाकुंभ में हर चाल के साथ रोमांच बढ़ता गया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद शीर्ष तीन स्थान इन खिलाड़ियों ने हासिल किए:
प्रथम स्थान (विजेता): अक्षत रस्तोगी
द्वितीय स्थान: मनोज राय
तृतीय स्थान: सुबोध राय
खेलों से बढ़ता है दिव्यांगों का आत्मविश्वास
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रसिद्ध पुनर्वास विशेषज्ञ डॉ. डी.बी. मिश्रा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “दिव्यांग जनों के सर्वांगीण विकास और पुनर्वास में खेलों की भूमिका संजीवनी की तरह है। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी आती है।”
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. उत्तम ओझा ने भविष्य का रोडमैप साझा किया। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजनों को अब मंडल, राज्य और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी है ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिल सके।
सम्मान और सहभागिता
प्रतियोगिता को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में निर्णायक आर्यन वर्मा और सह-निर्णायक चंद्रकांत गुप्ता की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर संयोजक राकेश पांडेय, सुबोध राय, विनय चौरसिया, प्रदीप राजभर, रोहित रस्तोगी, अर्चना पांडेय और डॉ. कल्पना दुबे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. मनोज तिवारी द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




