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अजित पवार के निधन के बाद भाजपा करेगी ‘महाराष्ट्र प्लान’ की नई रणनीति तैयार
एकनाथ शिंदे की बढ़ सकती है ताकत

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अचानक निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब अपनी महाराष्ट्र रणनीति को नए सिरे से तैयार करने में जुट गई है। अब तक राज्य की सत्ता में अजित पवार भाजपा के लिए एक मजबूत वैकल्पिक शक्ति के रूप में काम कर रहे थे। उनकी मौजूदगी के कारण भाजपा, शिवसेना नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपेक्षाकृत कम महत्व देकर भी सरकार का संचालन कर पा रही थी। लेकिन अजित पवार के जाने के बाद राजनीतिक संतुलन बदलने की संभावना बढ़ गई है।
एकनाथ शिंदे की बढ़ सकती है ताकत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजित पवार के निधन के बाद एकनाथ शिंदे की सौदेबाजी की शक्ति फिर से बढ़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा अब नए सियासी समीकरण गढ़ने की तैयारी में है। विधानसभा में अजित पवार गुट के 37 विधायक हैं। भाजपा के रणनीतिकारों को आशंका है कि आने वाले समय में इन विधायकों में टूट हो सकती है। कुछ विधायक शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में वापस लौट सकते हैं। इस संभावित संकट को रोकने के लिए भाजपा अजित पवार परिवार के किसी सदस्य को सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका देने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा चाहती है कि अजित पवार की पत्नी को विधानसभा में लाया जाए और परिवार को सत्ता संरचना में सम्मानजनक स्थान दिया जाए।
मंत्रिमंडल में पुनर्संतुलन की तैयारी
सरकार में एनसीपी की भागीदारी को संतुलित करने के लिए भी नए कदम उठाए जा सकते हैं। यदि एनसीपी को उपमुख्यमंत्री पद नहीं मिलता, तो बदले में उसे कुछ अहम मंत्रालय दिए जा सकते हैं। अजित पवार परिवार द्वारा सुझाए गए किसी विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, वित्त मंत्रालय किसे मिलेगा, इस पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।





