कूड़ा उठान में बड़ा खेल! महापौर ने बैठाई जांच, भुगतान पर लगायी रोक
पार्षदों ने सदन में खोला था मोर्चा

वाराणसी । काशी में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था सवालों के घेरे में है। शहर की सफाई व्यवस्था देख रही कार्यदायी संस्था ‘वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन’ पर वित्तीय अनियमितताओं और काम में लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
पार्षदों ने सदन में खोला था मोर्चा
बीती 22 मार्च को नगर निगम सदन की बैठक में पार्षदों ने कूड़ा उठान व्यवस्था की पोल खोली थी। आरोप है कि संस्था को जमीन पर काम के मुकाबले बजट से कहीं अधिक भुगतान किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने पर सदन में काफी हंगामा हुआ था, जिससे निगम की छवि पर भी सवाल उठे थे।
उप सभापति की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी
भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए महापौर ने उप सभापति नरसिंह दास की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई है। इस समिति में ये सदस्य शामिल हैं:
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सुरेश कुमार चौरसिया (पूर्व उप सभापति)
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अमरदेव यादव (कार्यकारिणी सदस्य)
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हनुमान प्रसाद (कार्यकारिणी सदस्य)
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मदन मोहन दुबे (पूर्व कार्यकारिणी सदस्य)
7 दिन में रिपोर्ट और पेमेंट होल्ड
महापौर ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि जब तक समिति अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक कार्यदायी संस्था को कोई भी नया भुगतान नहीं किया जाएगा। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
“नगर निगम की छवि और जनता के पैसे का सही उपयोग हमारी प्राथमिकता है। कूड़ा उठान में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” > — अशोक कुमार तिवारी, महापौर


