सावधान! AI के जरिए ठगी कर रहे साइबर अपराधी, एएसपी ने मीडिया संग साझा किए बचाव के मंत्र
चंदौली। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चंदौली पुलिस ने एक विशेष पहल की है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में रविवार को पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में पत्रकारों के लिए एक ‘साइबर जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।
AI तकनीक का दुरुपयोग कर रहे अपराधी: एएसपी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अपर पुलिस अधीक्षक अनन्त चंद्रशेखर (IPS) ने कहा कि आज के दौर में साइबर अपराधी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और आधुनिक तकनीकों का सहारा लेकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।” एएसपी ने अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या मैसेज पर बिना जांचे भरोसा न करें।
मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण
क्षेत्राधिकारी सदर देवेन्द्र कुमार ने साइबर अपराध को वर्तमान समय की गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से साइबर जागरूकता का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सकता है, जिससे डिजिटल ठगी की घटनाओं में कमी आएगी।
इन प्रमुख बिंदुओं पर दी गई जानकारी:
साइबर सेल के विशेषज्ञों और अधिकारियों ने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी:
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सोशल मीडिया सुरक्षा: अपनी प्रोफाइल और निजी जानकारी को कैसे सुरक्षित रखें।
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फर्जी कॉल व लिंक: अनजान स्रोतों से आने वाले लिंक पर क्लिक करने के खतरों के प्रति आगाह किया गया।
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OTP एवं डाटा सुरक्षा: किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी या बैंक विवरण साझा न करने की सलाह।
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तत्काल सूचना: साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी थाने को सूचित करने की प्रक्रिया बताई गई।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस कार्यशाला में मुख्य रूप से प्रभारी साइबर सेल मिर्जा रिजवान बेग, जनपद के तमाम सम्मानित मीडिया प्रतिनिधि और पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में इस बात पर सहमति जताई कि सामूहिक जागरूकता से ही साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है।
किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।




