जनता की समस्या, एसपी का समाधान: चंदौली पुलिस कार्यालय में लगी शिकायतों की ‘अदालत’, खुद फोन उठाकर थाना प्रभारियों को दिए निर्देश
ग्राउंड जीरो पर एक्शन: खुद की अधिकारियों से बात

चंदौली। (13 जनवरी, 2026) पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने आज एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि जिले में फरियादियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंगलवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में एसपी ने न केवल लोगों की समस्याएं सुनीं, बल्कि कई मामलों में तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए खुद फोन उठाकर थाना प्रभारियों की क्लास भी लगाई।
प्रमुख प्राथमिकता: टालमटोल नहीं, तत्काल न्याय
जनसुनवाई के दौरान एसपी ने जिले के दूर-दराज के गांवों से आए 26 फरियादियों से एक-एक कर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:
“पुलिस की सफलता शिकायतों के निस्तारण में नहीं, बल्कि ‘न्यायोचित निस्तारण’ में है। पीड़ित को थाने के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना हर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी है।”
ग्राउंड जीरो पर एक्शन: खुद की अधिकारियों से बात
आज की जनसुनवाई की सबसे खास बात यह रही कि एसपी ने प्रार्थना पत्रों को केवल फॉरवर्ड (अग्रेषित) करने के बजाय, गंभीर मामलों में स्वयं राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों से बात की। उन्होंने मौके पर ही निर्देश दिए कि शिकायतों को लटकाने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण समाधान निकाला जाए।
पुलिस व्यवहार पर सख्त निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने अधीनस्थ अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि थाने पहुंचने वाला हर व्यक्ति पीड़ित होता है। ऐसे में:
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फरियादियों के साथ शिष्ट और विनम्र व्यवहार किया जाए।
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प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और गुण-दोष के आधार पर निष्पक्ष कार्यवाही हो।
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पुलिस का व्यवहार ऐसा हो कि आम जनता पुलिस को अपना मददगार समझे।
आज की जनसुनवाई का लेखा-जोखा
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कुल प्राप्त प्रार्थना पत्र: 26
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मुख्य मामले: भूमि विवाद, आपसी मारपीट और महिला सुरक्षा से संबंधित।
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कार्यवाही: सभी 26 आवेदनों पर एसपी ने समय सीमा के भीतर निस्तारण के आदेश दिए।


