जनता दरबार में एक भी आवेदन न आए, वही दिन मेरे लिए सबसे खुशी का होगा : गणेश नाइक
पालघर में वनमंत्री और जिले के पालक मंत्री की जनता दरबार

आवाज Nation/ पालघर
पालघर जिले के सभी नागरिकों की समस्याएं यदि पूरी तरह सुलझ जाएं और जनता दरबार में एक भी आवेदन न आए, तो वही दिन मेरे लिए सबसे अधिक आनंद का होगा। यह बात वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालक मंत्री गणेश नाइक ने कही। जिलाधिकारी कार्यालय स्थित जिला नियोजन समिति सभागृह में आयोजित छठे जनता दरबार की अध्यक्षता करते हुए पालक मंत्री गणेश नाइक ने 437 आवेदकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। नागरिकों की विभिन्न समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए उन्होंने प्रशासन की कार्यक्षमता पर संतोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायक राजेंद्र गावित, स्नेहा दुबे-पंडित, राजन नाइक, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष श्री निकम, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र शिंदे, निवासी उपजिलाधिकारी सुभाष भागड़े, विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
पालक मंत्री गणेश नाइक ने कहा,“मेरी इच्छा है कि एक दिन जनता दरबार की आवश्यकता ही न पड़े। जिस दिन एक भी आवेदन नहीं आएगा, उस दिन मैं वास्तव में पालक मंत्री के रूप में संतुष्ट रहूंगा। इसका मतलब होगा कि प्रशासन ने लोगों के काम समय से पहले ही पूरे कर दिए हैं।” उन्होंने बताया कि जिला नियोजन समिति की बैठक हाल ही में संपन्न हुई थी, इसके बावजूद जनता दरबार के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को दोबारा समझा जा रहा है। इससे प्रशासन की गति, जिम्मेदारी और जवाबदेही में वृद्धि हुई है।

अधिकारियों को मार्गदर्शन देते हुए गणेश नाइक ने कहा, “जिस व्यक्ति के पास योजना और डायरी नहीं होती, उस पर मैं भरोसा नहीं करता। हर अधिकारी को अपने कार्यों की पूरी योजना बनाकर दैनिक डायरी में दर्ज करना चाहिए।” उन्होंने अधिकारियों को इंटरनेट का प्रभावी उपयोग करने, अपने परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखने और विशेष रूप से पुलिस विभाग को अधिक अनुशासित व संवेदनशील होकर कार्य करने के निर्देश दिए। पालक मंत्री ने कहा, “जो काम कल पर टाला जाता है, उसे आज करें और आज का काम अभी पूरा करें। यही कार्यसंस्कृति प्रशासन में विकसित होनी चाहिए।” समाजसेवा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के कार्यों को प्राथमिकता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।




