वाराणसी में 8 फरवरी को जुटेगा निजी स्कूलों का महाकुंभ, प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में 1000 प्रबंधक होंगे शामिल
प्रतिभाशाली छात्रों और शिक्षकों का होगा सम्मान

वाराणसी। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का चतुर्थ वार्षिक प्रदेश स्तरीय अधिवेशन अगले माह 8 फरवरी (रविवार) को चांदपुर स्थित सरस्वती महिला महाविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। इस महाधिवेशन में पूर्वांचल समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 1000 विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों का जमावड़ा होगा।
तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक
अधिवेशन की सफलता के लिए लोहता (भिटारी) स्थित रुमन जूनियर हाईस्कूल में एसोसिएशन की समीक्षा बैठक रविवार को की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष रामाश्रय पटेल ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसमें वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, सोनभद्र, भदोही, चंदौली और जौनपुर सहित कई जिलों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
प्रतिभाशाली छात्रों और शिक्षकों का होगा सम्मान
अधिवेशन के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को ‘शिक्षक गौरव सम्मान’ से नवाजा जाएगा। साथ ही, ‘ऑल इंडिया जीके कंपटीशन’ के टॉपर बच्चों को भी पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा।
निजी स्कूलों की समस्याओं पर उठी आवाज
समीक्षा बैठक में विद्यालय प्रबंधकों ने अपनी ज्वलंत समस्याओं पर भी चर्चा की:
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कूड़ा टैक्स का विरोध: प्रदेश सचिव अभिषेक यादव ने नगर निगम द्वारा विद्यालयों पर लगाए जा रहे 700 से 1500 रुपये प्रतिमाह के कूड़ा टैक्स को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे छोटे विद्यालयों की कमर टूट रही है।
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बिजली बिल में राहत की मांग: जिलाध्यक्ष रघुवर दास विश्वकर्मा और महानगर अध्यक्ष हीरालाल बिंद ने विद्यालयों पर लागू भारी भरकम बिजली बिल (LMV-4) का विरोध करते हुए इसे ‘घरेलू श्रेणी’ में करने की मांग उठाई।
बैठक में ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश महासचिव नरेंद्र शर्मा, प्रदेश सचिव अभिषेक यादव, जिलाध्यक्ष रघुवर दास विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष हीरालाल बिंद, श्यामलाल पटेल, अनिल कुमार पटेल, टीकाराम शर्मा आचार्य, कौशल कुमार मौर्य, लालचंद यादव, इंद्रजीत सिंह सहित भारी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।


